Ticker

6/recent/ticker-posts

राष्ट्र निर्माण में जनगणना की अहम भूमिका, 2027 अभियान में सहभागिता का आह्वान :नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’

गढ़वा। भारत की जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के वर्तमान और भविष्य का सशक्त दस्तावेज है। यह बात संस्कार भारती झारखंड प्रांत के प्रांतीय कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 की जनगणना देश के समग्र विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इसलिए प्रत्येक नागरिक को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जनगणना के माध्यम से सरकार को देश की जनसंख्या, निवास, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं का निर्माण करती है और संसाधनों का समुचित वितरण सुनिश्चित किया जाता है। स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल, बिजली और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं की योजना भी जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होती है।
नीरज श्रीधर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जब प्रगणक उनके घर आएं तो वे पूरी पारदर्शिता के साथ सही और सटीक जानकारी दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल विकास एवं सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अनेक भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं एक साथ विकसित होती हैं। जनगणना इन विविधताओं को पहचानने और संरक्षित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से “भारत की जनगणना 2027” को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि जागरूक नागरिक के रूप में सही जानकारी देकर ही हम एक विकसित, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments