डंडई (गढ़वा)। प्रखंड अंतर्गत तसरार पंचायत के दतवनिया गांव में मोहर्रम की 10वीं (आशूरा) के अवसर पर “शहीदे आज़म कॉन्फ्रेंस” जलसा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक अनंत प्रताप देव उर्फ छोटे राजा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, उलेमाओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समुदायों के लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, त्याग, इंसानियत और न्याय की रक्षा का संदेश देने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का मोहर्रम और ताजिया से वर्षों पुराना संबंध रहा है। “हमारे यहां भी हर वर्ष ताजिया रखा जाता है। यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है और आज भी हम उसी श्रद्धा व सम्मान के साथ इसे निभा रहे हैं,” उन्होंने कहा। विधायक ने इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की मिसाल बताते हुए सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि करबला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ सत्य एवं इंसानियत की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, धैर्य, साहस और मानवता की रक्षा का अमर संदेश देता है। विधायक ने सभी लोगों से प्रेम, सद्भाव और आपसी विश्वास को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक ने उपस्थित उलेमाओं एवं ग्रामीणों से मुलाकात कर मोहर्रम की शुभकामनाएं दीं तथा क्षेत्र की जनता के स्नेह और सहयोग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है।
जलसा में उलेमाओं ने करबला की ऐतिहासिक घटना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आशूरा के दिन हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा की अद्वितीय मिसाल है।
कार्यक्रम में झामुमो जिला अध्यक्ष मुक्तेश्वर पांडेय, विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ठाकुर, डंडई के पूर्व मुखिया हनिफ शेख, नेसार अंसारी (सदर), ज्याउल अंसारी, हाफिज तबीब आलम, हाफिज मंसूर आलम, असलम अंसारी, दीनानाथ पांडेय, शुभाष मेहता, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष राजेश मेहता, चंद्रशेखर प्रसाद, प्रदीप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, उलेमा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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