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नवोदित कवियों की पहचान बनेगा ‘काव्यानुरागी’ काव्य-संग्रह, गढ़वा से बड़ी साहित्यिक पहल

गढ़वा। जिले में विगत तीन वर्षों से नियमित रूप से संचालित एवं नवोदित रचनाकारों को समर्पित ‘काव्यानुरागी’ कार्यक्रम के माध्यम से अब तक कई नवोदित कवियों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से विशेष पहचान बनाई है।
नवोदित रचनाकारों की मौलिक प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा साहित्य के क्षेत्र में उनकी पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा, गढ़वा (झारखंड) की ओर से अर्धवार्षिक ‘काव्यानुरागी’ काव्य-संग्रह के प्रकाशन की पहल की गई है। यह काव्य-संग्रह विशेष रूप से नवोदित रचनाकारों को समर्पित होगा।
आयोजकों के अनुसार, स्वाधीनता के अमृत काल में प्रकाशित होने वाले इस अर्धवार्षिक ‘काव्यानुरागी’ काव्य-संग्रह में 101 मौलिक रचनाओं को स्थान दिया जाएगा। इसमें शामिल रचनाकारों की रचनाओं के साथ उनका चित्र एवं परिचय भी प्रकाशित किया जाएगा, जिससे साहित्य के क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं को व्यापक पहचान मिल सके।
‘काव्यानुरागी’ के माध्यम से नवोदित साहित्यकारों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलने के साथ-साथ उनके साहित्यिक योगदान को सम्मानित करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नई साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें एक साझा साहित्यिक मंच उपलब्ध कराना है।
काव्य-संग्रह में मौलिक एवं मर्यादित रचनाओं के संकलन के साथ रचनाकारों के परिचय को भी प्रमुखता दी जाएगी। इससे नए कवियों एवं रचनाकारों को अपनी साहित्यिक यात्रा को आगे बढ़ाने में प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच के निदेशक पं. हर्ष द्विवेदी की ओर से इस साहित्यिक पहल की जानकारी साझा की गई है। संग्रह से संबंधित विशेष जानकारी के लिए 8271046670 पर संपर्क किया जा सकता है।

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