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सावन में शिवभक्ति का महासंगम: बाबा मंगरदाह महादेव धाम में हर सोमवारी उमड़ रहा आस्था का सैलाब

डंडई (गढ़वा)। सावन माह में डंडई प्रखंड स्थित लवाही खुर्द गांव का बाबा मंगरदाह महादेव मंदिर शिवभक्तों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। जिला मुख्यालय गढ़वा से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण और प्रखंड मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में प्रत्येक सोमवारी को हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ मंदिर परिसर में भव्य मेले जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ सीमा से सटे धुरकी प्रखंड के बालचौरा स्थित कनहर नदी से कांवरिया लगभग 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर बाबा मंगरदाह महादेव का जलाभिषेक करते हैं। पूरे मार्ग में “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 25 वर्ष पूर्व इस स्थान पर शिवलिंग स्वयं जमीन से प्रकट हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू की और जनसहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण कराया। आज यह मंदिर झारखंड ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रद्धालुओं के लिए भी प्रमुख आस्था केंद्र बन चुका है।
मंदिर परिसर का आध्यात्मिक वातावरण, समीप बहने वाली मगरहा नदी का प्राकृतिक सौंदर्य और परिसर में स्थित हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। स्थानीय मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु पुनः मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष मंगरू बैठा ने बताया कि वर्ष 2002 में मंदिर समिति का गठन किया गया था। तब से जनसहयोग से मंदिर का लगातार विस्तार, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सावन माह में श्रद्धालुओं की सेवा एवं व्यवस्था में समिति के सदस्य पूरी निष्ठा के साथ जुटे हुए हैं।
मंदिर के पुजारी दीनदयाल पाठक ने बताया कि बाबा मंगरदाह महादेव की महिमा अपरंपार है। सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष सावन में यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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