गढ़वा। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और “मिसाइल मैन” के नाम से प्रसिद्ध एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि स्थानीय जीएन कॉन्वेंट स्कूल में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी, उपप्राचार्य बसंत ठाकुर एवं वरिष्ठ शिक्षकों ने डॉ. कलाम के छायाचित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि डॉ. कलाम आज भी भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि 11वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने देश को नई दिशा दी और एक शिक्षक के रूप में लाखों विद्यार्थियों को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी।
निदेशक ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. कलाम का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए बचपन में अखबार तक बेचे। मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने रक्षा एवं अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डीआरडीओ में रहते हुए उन्होंने इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम की नींव रखी, जिसके तहत भारत को अग्नि और पृथ्वी जैसी स्वदेशी मिसाइलें मिलीं और देश रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना।
कार्यक्रम के नोडल इंचार्ज कृष्ण कुमार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में वीरेंद्र शाह, सुनीता कुमारी, नीरा शर्मा, शिवानी कुमारी, चंद श्रीवास्तव, खुर्शीद आलम, दिनेश कुमार, आदित्य कुमार एवं पूजा प्रकाश सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने डॉ. कलाम के विचारों और उद्धरणों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को पारितोषिक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
0 Comments