गढ़वा। स्थानीय जीएन कान्वेंट (10+2) स्कूल में भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत सीनियर वर्ग के छात्र-छात्राओं को क्विज, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से जनगणना की प्रक्रिया और महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश के लिए जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जो अप्रैल 2026 से फरवरी 2027 तक दो चरणों में संपन्न होगी। इस बार स्व-पहचान की व्यवस्था के साथ व्यापक जाति जनगणना को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि जनगणना के माध्यम से जनसंख्या की विशेषताएं, शिक्षा, साक्षरता, आवास, शहरीकरण, प्रजनन दर एवं प्रवासन जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं, जो सामाजिक-आर्थिक नीतियों और भविष्य की योजनाओं के निर्माण में सहायक होते हैं। जनगणना प्रक्रिया के तहत कर्मी प्रत्येक घर का दौरा कर पेयजल, स्वच्छता, डिजिटल कनेक्टिविटी सहित करीब 33 बिंदुओं पर जानकारी लेते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को जनगणना कर्मियों के साथ सत्य एवं निष्ठा से सहयोग करने की शपथ दिलाई गई। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन नोडल इंचार्ज कृष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम में निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 9 के सौरभ कुमार प्रथम, कक्षा 8 की आयुषी कुमारी द्वितीय तथा कक्षा 9 के सागर और कक्षा 8 की आराध्या कुमारी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 10 के भाष्कर तिवारी प्रथम, प्रतीक तिवारी द्वितीय एवं वैभव मेहता तृतीय स्थान पर रहे।
वहीं क्विज प्रतियोगिता में आजाद हाउस की रूपांजली टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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