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बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही मजबूत होता है जीवन का आधार: जीएन कान्वेंट स्कूल में ग्रैंड पैरेंट्स डे पर संस्कारशाला कार्यक्रम

गढ़वा। स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल के एसेंबली सभागार में ग्रैंड पैरेंट्स डे के अवसर पर संस्कारशाला उद्बोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को दादा-दादी एवं नाना-नानी के महत्व, उनके अनुभव और पारिवारिक मूल्यों में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि घर की नींव केवल दीवारों से नहीं बल्कि बुजुर्गों के आशीर्वाद और अनुभव से मजबूत होती है। दादा-दादी और नाना-नानी परिवार की मुख्य कड़ी होते हैं, जिनका प्यार और दुलार अनमोल होता है। आधुनिक युग में बदलती जीवनशैली और एकल परिवार की प्रवृत्ति के कारण पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों में कमी आई है, लेकिन इससे बुजुर्गों के महत्व का एहसास और अधिक गहरा हुआ है।
विद्यालय की निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी जीवन का सबसे अनमोल उपहार हैं। वे न केवल बच्चों की देखभाल करते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यवान संस्कार, नैतिकता और सही मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग अपने नाती-पोतों के साथ बच्चे बनकर खेलते हैं और उनके जीवन को स्नेह और संस्कारों से भरते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जब बच्चे गलती करते हैं तो उन्हें सुधारने का कार्य भी बुजुर्ग ही करते हैं, जिससे वे बेहतर इंसान बन सकें। दादा-दादी और नाना-नानी पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं और उनका मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जूनियर विंग के इंचार्ज खुर्शीद आलम, वीरेंद्र शाह, मुकेश भारती, दिनेश कुमार, नीरा शर्मा, नीलम कुमारी, सरिता दुबे, शिवानी कुमारी, चंदा कुमारी, वर्षा कुमारी, सुनीता कुमारी, मधु कुमारी, हीरामन महतो, नवनीत ठाकुर, संतोष प्रसाद आदि की सक्रिय भूमिका रही। धन्यवाद ज्ञापन उपप्राचार्य बसंत ठाकुर ने किया, जबकि मंच संचालन सीनियर वर्ग के निखिल कुमार ने किया।

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