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हिंदी दिवस पर जीएन कॉन्वेंट स्कूल में गूंजा मातृभाषा का गौरव, छात्रों ने प्रस्तुत की सृजनात्मक प्रतिभा

गढ़वा। जीएन कॉन्वेंट स्कूल के सभागार ‘आर्यभट्ट’ में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी एवं उपप्राचार्य बसंत ठाकुर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर तथा भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान एकता एवं अखंडता का संदेश दिया गया।
अपने संबोधन में निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान है। भारत में अनेक भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं, लेकिन हिंदी करोड़ों लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है, इसलिए इसे जन-जन की भाषा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी मर्यादा की भाषा है, जो समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करती है।
उन्होंने 14 सितंबर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी के सामने चुनौतियां जरूर हैं, खासकर शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अंग्रेजी के बढ़ते प्रभाव के कारण, लेकिन किसी भी भाषा का सम्मान दूसरी भाषा का विरोध करने से नहीं, बल्कि उसके सही उपयोग से बढ़ता है। उन्होंने हिंदी को आधुनिक तकनीक और रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच भाषण, पोस्टर मेकिंग एवं स्लोगन वाचन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक कृष्ण कुमार, वीरेंद्र शाह, दिनेश कुमार, मुकेश भारती, खुर्शीद आलम, सरिता दुबे, वर्षा कुमारी, शिवानी कुमारी, हीरामन मेहता, मधु कुमारी एवं नवनीत ठाकुर का सराहनीय योगदान रहा। मंच संचालन नोडल इंचार्ज कृष्ण कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपप्राचार्य बसंत ठाकुर ने किया।

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