गढ़वा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः हवन-पूजन के साथ हुई, जिसके बाद विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, गुरु वंदना एवं गुरुओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीक्षा कुमारी, आलिया खातून, समीहा परवीन, कनक कुमारी, ग्रेसी केसरी, नरगिस परवीन एवं सुहानी खातून द्वारा गुरु वंदना प्रस्तुत कर की गई। इसके बाद कनक कुमारी ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इस संसार में गुरु सर्वोपरि हैं और उनके बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत वैभव राज ने “गुरु मेरा संसार” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। नर्सरी कक्षा के बच्चों ने “शरारत” गीत पर आकर्षक नृत्य कर सबका मन मोह लिया। कक्षा एक की छात्राओं ने “मैंने पायल है छनकाई” गीत पर सुंदर प्रस्तुति दी, वहीं कक्षा दो के शिया एवं उनके समूह ने “ठुमक-ठुमक” गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। कक्षा तीन की सिद्धि एवं उनके समूह ने भी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों की तालियां बटोरी।
इस अवसर पर आलिया प्रवीण ने अंग्रेजी में भाषण देते हुए गुरु के प्रति समर्पण की भावना व्यक्त की। ग्रेसी केसरी ने कहा कि गुरु के बिना घर पर रहकर ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आकर शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनना चाहिए। वहीं परिधि कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु के बिना जीवन अंधकारमय रहता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निदेशक सुशील केसरी ने विद्यार्थियों को माता-पिता, दादा-दादी एवं बड़ों का सम्मान करने और उनकी सेवा करने की सीख दी। प्राचार्य गुलाम सरवर ने कहा कि गुरु केवल विद्यालय तक सीमित नहीं होते, बल्कि जिससे भी हम कुछ सीखते हैं, वह हमारा गुरु बन जाता है। शिक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों को भविष्य में आदर्श नागरिक एवं देशभक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन उत्साह एवं गुरुजनों के प्रति सम्मान के भाव के साथ हुआ।
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