गढ़वा। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर शनिवार को जिला कृषि परिसर गढ़वा प्रखंड के डटमां क्लस्टर में झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत 65 किसानों के बीच मडुआ (रागी) का बीज शत-प्रतिशत अनुदानित दर पर वितरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करना तथा पोषक अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देना बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लाभ एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि न्यूट्री सीरियल योजना के अंतर्गत वितरित किया गया मडुआ का वीएल-400 प्रभेद उन्नत एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्म है, जिसकी औसत उत्पादन क्षमता लगभग 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह किस्म करीब 100 दिनों में तैयार हो जाती है तथा लीफ ब्लास्ट सहित अन्य फफूंदजनित रोगों और कीटों के प्रति काफी सहनशील है। साथ ही इसमें कैल्शियम एवं प्रोटीन की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो इसे पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी चंद्र किशोर ने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और लोगों को पौष्टिक आहार भी उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसमें एक किसान अधिकतम 15,000 रुपये तक का लाभ ले सकता है।
अधिकारियों ने योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि किसानों को प्रज्ञा केंद्र में आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन की रसीद एवं वंशावली में स्पष्ट हिस्सेदारी का प्रमाण मुखिया के हस्ताक्षर के साथ जमा कर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत मडुआ, ज्वार, बाजरा, सांवा एवं कोदो सहित अन्य मोटे अनाजों की खेती की जा सकती है।
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