गढ़वा। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत आरके पब्लिक स्कूल, गढ़वा में वन महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्कूल के निदेशक सह शिक्षाविद् अलखनाथ पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथि डीएफओ चिंतामणि त्रिपाठी मौजूद थे। दोनों अतिथियों ने विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने संबोधन में डीएफओ श्री त्रिपाठी ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यदि हमारे आसपास पर्याप्त संख्या में पेड़ हों, तो हम स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर देना है। कोरोना काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय लोगों को ऑक्सीजन के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि प्रकृति हमें नि:शुल्क शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करती है। इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर पढ़ाई करने तथा सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से दूरी बनाकर आगे बढ़ने की सलाह दी।
निदेशक अलखनाथ पाण्डेय ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना और बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। विद्यालय में प्रत्येक वर्ष वन महोत्सव के अवसर पर पोस्टर, स्लोगन, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सके।
उन्होंने बताया कि पेड़ों की कमी के कारण मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है और समय पर मानसून नहीं आ रहा है। यदि सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए, तो तापमान में कमी लाई जा सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हुए, तो भविष्य में स्वच्छ हवा के लिए भी संघर्ष करना पड़ सकता है।
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