इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक सह शिक्षाविद मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि “क्षमा सज्जनों का सबसे बड़ा आभूषण है और यही सभी धर्मों का मूल आधार भी है।” उन्होंने बताया कि क्षमा दिवस हर वर्ष जुलाई माह में मनाया जाता है, जो लोगों को क्रोध त्यागकर आपसी सद्भावना बढ़ाने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि क्षमा एक ऐसी भावना है, जो मन में व्याप्त नकारात्मकता और कलुषित विचारों को दूर कर आत्मा को शुद्ध करती है। जब हम किसी की गलती को माफ करते हैं, तो न केवल उसके अपराध को समाप्त करते हैं, बल्कि अपने मन की कड़वाहट को भी मिटा देते हैं। इससे रिश्ते टूटने के बजाय और अधिक मजबूत होते हैं।
निदेशक ने आगे कहा कि क्षमा टूटे हुए संबंधों को जोड़ने वाला सेतु है और यह समाज में प्रेम, करुणा व एकता को बढ़ावा देती है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे दूसरों को क्षमा करने की शक्ति और अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगने का साहस विकसित करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी को क्षमा दिवस की शुभकामनाएं दी गईं और यह आशा व्यक्त की गई कि यह दिवस सभी को द्वेष व आक्रोश त्यागकर सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में उप प्राचार्य वसंत ठाकुर, शिक्षक वीरेंद्र शाह, कृष्ण कुमार, मुकेश भारती, दिनेश कुमार, नीलम कुमारी, सरिता दुबे, सुनीता कुमारी, पूजा प्रकाश, चंदा कुमारी, शिवानी कुमारी, पुष्पा कुमारी, वर्षा कुमारी, जूनियर विंग के खुर्शीद आलम एवं संतोष प्रसाद सहित अन्य शिक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।
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