गढ़वा। शहर के साईं मुहल्ला स्थित आर.पी. सेवा सदन में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा नेता सह चिकित्सक डॉ. पातंजली केशरी सहित उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर देश के प्रति त्याग, सेवा और समर्पण की भावना से कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर.पी. एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के निदेशक डॉ. पातंजली केशरी ने कहा कि भारतीय इतिहास में महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों की वीरता, समर्पण और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम आज भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपना संपूर्ण जीवन देश की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि उस समय कई राजाओं ने मुगल सम्राट अकबर के प्रलोभन में आकर अधीनता स्वीकार कर ली थी, लेकिन महाराणा प्रताप ने कठिन संघर्ष का रास्ता चुना।
उन्होंने कहा कि कठिन समय में घास की रोटी खाकर भी उन्होंने अपने स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा की, जो आज के समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश है। वर्तमान समय में भी हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर विपरीत परिस्थितियों में संयम और अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
राजकुमार मद्धेशिया ने कहा कि वर्ष 1576 का हल्दीघाटी युद्ध महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और पराक्रम का प्रतीक है। वहीं दिवेर के युद्ध में उन्होंने मुगलों को पराजित कर मेवाड़ का बड़ा हिस्सा पुनः प्राप्त किया और अपनी वीरता का लोहा मनवाया।
ज्योति प्रकाश ने कहा कि “सर कटा सकते हैं लेकिन सिर झुका सकते नहीं” जैसी भावना महाराणा प्रताप के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कभी भी गुलामी स्वीकार नहीं की और स्वतंत्रता को सर्वोपरि रखा।
कार्यक्रम में डॉ. आदिल, डॉ. अंजलि, संगीता कुमारी, गोलू राज, अंकित प्रजापति, सुनील कुमार, रंजना कुजूर, अंजलि कुमारी, लालसा कुमारी, फैयाज अहमद, प्रेम कुमार, संतोष कुमार, दीपक यादव, रंजय कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।
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