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टैगोर जयंती पर आरके पब्लिक स्कूल में उत्सव का माहौल, 11वीं में फ्री एडमिशन से छात्रों को मौका

गढ़वा।आरके पब्लिक स्कूल गढ़वा में राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के रचयिता एवं नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय परिवार ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल के निदेशक सह शिक्षाविद् अलखनाथ पाण्डेय ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को हुआ था, जबकि बंगाली कैलेंडर के अनुसार उनकी जयंती वैशाख माह के 25वें दिन मनाई जाती है, जो इस वर्ष 9 मई को पड़ी है।
उन्होंने कहा कि टैगोर आधुनिक भारत की महानतम हस्तियों में से एक थे। वे कवि, लेखक, दार्शनिक, विचारक, गीतकार और चित्रकार के रूप में विश्वभर में विख्यात रहे। वर्ष 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर वे पहले गैर-यूरोपीय बने। उनके कार्यों ने भारतीय साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाई।
उन्होंने आगे कहा कि टैगोर ने भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान की रचना की, जबकि श्रीलंका के राष्ट्रगान पर भी उनकी छाप स्पष्ट रूप से देखी जाती है। वर्ष 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने अपनी नाइटहुड की उपाधि त्याग कर देशभक्ति का संदेश दिया। उनके द्वारा रचित 2200 से अधिक गीत ‘रवीन्द्र संगीत’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।
श्री पाण्डेय ने कहा कि गुरुदेव मानते थे कि वह शिक्षा अधूरी है, जिसमें कला का समन्वय न हो। उनके विचारों में स्वतंत्रता, संवेदनशीलता और विश्व बंधुत्व की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।
इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 11वीं में फ्री एडमिशन की घोषणा करते हुए अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं से शीघ्र विद्यालय कार्यालय से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह ऑफर सीमित समय के लिए है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य संतोष पाण्डेय सहित अनुप कुमार पाण्डेय, अनिता सिन्हा, देवेंद्र सिंह, राजेश कुमार, विनय सिंह, गीता पाण्डेय, रश्मि शुक्ला, अभिलाषा तिवारी, नंदलाल गुप्ता, श्वेता पाण्डेय, विकास तिवारी एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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